(आयुष का चेहरा उतर जाता है।)
सच में? ऐसा भी था?
हाँ बेटा। गांधी जी, नेहरू जी, भगत सिंह, सुभाष बाबू – हज़ारों लोगों ने अपनी जान दे दी। गोलियाँ खाईं, जेल गए। तुम्हारे परदादा भी झंडा लहराते हुए पकड़े गए थे। play on independence day in hindi script
प्यारे बच्चों, मैं 1942 में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में जेल गया था। आज तुम्हें देखकर लगता है कि हमारा बलिदान सफल हुआ। लेकिन एक सवाल – क्या तुम सच में आज़ाद हो?
(गुस्से से) आयुष! ये तुम गलत कह रहे हो। आज़ादी सिर्फ छुट्टी का नाम नहीं है। (गुस्से से) आयुष
और मैं सबको एक प्रेरणा देती हूँ – ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’ अब हमें बदलना है ‘तुम मुझे पढ़ाई दो, मैं तुम्हें तरक्की दूंगा।’
(रिया और आयुष दादी के पास बैठे हैं। दादी चरखा कात रही हैं।) play on independence day in hindi script
(आँखों में नमी) बच्चे, उस समय हम अंग्रेज़ों के गुलाम थे। हमारे ऊपर जुल्म होते थे। भारतीय सिपाही अपने ही देश में तीसरे दर्जे के थे। भूखे रहते थे, पीटे जाते थे।
(रिया और आयुष कुर्सियों पर बैठे हैं। शिक्षिका कक्षा में आती हैं।)
रिया सही कह रही है। आयुष, तुम्हें इसका मतलब समझना होगा। इसलिए मैं तुम दोनों को एक काम देती हूँ – अपनी दादी से मिलो और पूछो कि उनके समय में आज़ादी कैसी थी।
एक नई सुबह (A New Dawn)