एक डबल-डेकर टूरिस्ट नाव डूब जाती है, उसमें 100 से अधिक बच्चे हैं। रॉकी को अपने पानी के डर का सामना करना पड़ता है। डॉ. नैना ने 4 मिनट के अंदर 7 बच्चों को सीपीआर देकर जिंदा कर दिया। अरुण एक गोताखोर के रूप में अंदर जाता है। इस एपिसोड में भाई-बहन की भावुक कहानी है जहां एक बहन अपने भाई को बचाने के लिए तैरना सीखती है। लोकेशन: मुंबई – 50 मंजिला गगनचुंबी इमारत में आग
अंत में, नैना कहती है: "रेस्क्यू फोर्स का मतलब सिर्फ बचाना नहीं है – ये उस उम्मीद का नाम है जो मलबे में भी जिंदा रहती है।" rescue force in hindi all episodes
अरुण टनल से बाहर निकलने के लिए संघर्ष करता है। बाकी टीम बांध की ओर भागती है। पता चलता है कि टनल धमाका जानबूझकर किया गया था – एक कॉर्पोरेट लॉबी द्वारा। योगेंद्र सबूत जुटाता है। अरुण किसी तरह 4 घंटे बाद एक एयर पॉकेट से निकलता है। फाइनल दृश्य: बांध टूटता है, पूरी टीम हेलीकॉप्टर से 1000 लोगों को एक स्कूल की छत से निकालती है। अंतिम 10 मिनट में डॉ. नैना और अरुण की भावुक मुलाकात होती है। rescue force in hindi all episodes
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