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Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -best «Free | 2027»

यह पीछे हटना पराजय नहीं था, बल्कि एक नई रणनीति का हिस्सा था।

गुरु जी से आशीर्वाद लेकर बंदा सिंह बहादुर दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़े। रास्ते में राजपूताना और हरियाणा के क्षेत्रों से गुजरते हुए उन्होंने स्थानीय लोगों को संगठित किया। उनका लक्ष्य स्पष्ट था – अत्याचारी मुगल शासकों और उनके सामंतों को सबक सिखाना। Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। आगे क्या हुआ? बंदा सिंह बहादुर ने गुरुदासपुर के लोहगढ़ किले में आखिरी दम तक कैसे संघर्ष किया? उन्होंने दिल्ली में शहादत क्यों पाई? यह सिर्फ एक जीत नहीं थी

यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि एक प्रतीकात्मक बदला था – गुरु घर की बेइज्जती का मुंहतोड़ जवाब। सरहिंद पर जीत के बाद बंदा सिंह ने वहाँ के लोगों को न्याय देने का वादा किया। Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST

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सरहिंद (Sirhind) मुगलों का सबसे शक्तिशाली किला था। यहीं पर गुरु गोबिंद सिंह जी के दो छोटे साहिबजादे ज़ोरावर सिंह और फतेह सिंह को जिंदा दीवार में चिनवाया गया था। गवर्नर वजीर खान खून का प्यासा था।

हालाँकि बंदा सिंह बहादुर की ताकत बढ़ रही थी, लेकिन दिसंबर 1710 में मुगलों की भारी सेना ने लोहगढ़ पर हमला कर दिया। बंदा सिंह को लोहगढ़ छोड़ना पड़ा और वे की बजाय मुकेरियां और ज्वालामुखी के पहाड़ी क्षेत्रों में चले गए।